चुप मत रहा करो- Chup Mat Raha Karo
हर किताब के पीछे
सिर्फ़ एक लेखक नहीं होता, बल्कि कई लोग, कई रिश्ते और अनगिनत छोटी-छोटी यादें होती
हैं।
उन लोगों का विशेष
आभार, जिन्होंने मेरी लिखी पंक्तियों को पढ़ा, समझा और अपनी सच्ची राय दी। आपकी एक
छोटी-सी प्रतिक्रिया ने कई बार मुझे अगली पंक्ति लिखने का साहस दिया।
मेरे परिवार और उन
सभी अपनों का दिल से धन्यवाद, जिन्होंने मेरे लिखने के सफ़र को समझा और मेरे शब्दों
पर विश्वास रखा।
और अंत में, उन पाठकों
के नाम जो इस किताब को अपने हाथों में उठाएँगे। अगर मेरी कोई पंक्ति आपकी किसी पुरानी
याद को छू जाए, तो समझूँगा कि मेहकता इश्क़ सच में अपनी मंज़िल तक पहुँच गया।
दिल से शुक्रिया।
---
अनंत यादव
-
Book Title:
चुप मत रहा करो- Chup Mat Raha Karo -
Author:
अनंत यादव -
Language:
Hindi
Book Description
हर किताब के पीछे
सिर्फ़ एक लेखक नहीं होता, बल्कि कई लोग, कई रिश्ते और अनगिनत छोटी-छोटी यादें होती
हैं।
उन लोगों का विशेष
आभार, जिन्होंने मेरी लिखी पंक्तियों को पढ़ा, समझा और अपनी सच्ची राय दी। आपकी एक
छोटी-सी प्रतिक्रिया ने कई बार मुझे अगली पंक्ति लिखने का साहस दिया।
मेरे परिवार और उन
सभी अपनों का दिल से धन्यवाद, जिन्होंने मेरे लिखने के सफ़र को समझा और मेरे शब्दों
पर विश्वास रखा।
और अंत में, उन पाठकों
के नाम जो इस किताब को अपने हाथों में उठाएँगे। अगर मेरी कोई पंक्ति आपकी किसी पुरानी
याद को छू जाए, तो समझूँगा कि मेहकता इश्क़ सच में अपनी मंज़िल तक पहुँच गया।
दिल से शुक्रिया।
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अनंत यादव
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Book Title
चुप मत रहा करो- Chup Mat Raha Karo
-
Author
अनंत यादव
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Language
Hindi
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