जननी- काव्य संग्रह
जननी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि सृजन, ममता, त्याग, संरक्षण और अनंत प्रेम का शाश्वत प्रतीक है। यह साझा संकलन उन सभी रूपों को समर्पित है जिन्हें हम "माँ" के रूप में अनुभव करते हैं—जन्मदात्री माँ, धरती माँ, प्रकृति माँ, मातृभाषा, मातृभूमि, गौ माता और वह हर शक्ति जो जीवन को जन्म देती है, संवारती है और निरंतर पोषित करती है।
"जननी" में देशभर के रचनाकारों ने अपनी कविताओं, लघुकथाओं, संस्मरणों और भावपूर्ण लेखन के माध्यम से मातृत्व के विविध आयामों को शब्दों में पिरोया है। यह संकलन केवल भावनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन अनगिनत अनकहे एहसासों का साहित्यिक दस्तावेज़ है जो हर हृदय में किसी न किसी "माँ" के प्रति बसे होते हैं।
इस पुस्तक का संपादन शैलेन्द्र कुमार जी ने किया है, जिन्होंने इससे पूर्व "यादें, लम्हे और कसक" जैसे सफल साझा संकलन का संपादन कर साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी संवेदनशील दृष्टि और साहित्यिक समर्पण ने "जननी" को भी एक अर्थपूर्ण और भावनात्मक स्वरूप प्रदान किया है।
कथांकन पब्लिकेशन हाउस द्वारा प्रकाशित यह संकलन हर उस पाठक के लिए एक भावपूर्ण कृति है, जो माँ के किसी भी स्वरूप को अपने जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा मानता है। "जननी" के पन्नों में आपको प्रेम, करुणा, वात्सल्य, स्मृतियाँ, प्रकृति का सौंदर्य और जीवन-मूल्यों की ऐसी सुगंध मिलेगी, जो हृदय को लंबे समय तक स्पंदित करती रहेगी।
"जननी"—माँ के हर स्वरूप को समर्पित, शब्दों में सजा एक विनम्र नमन।
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Book Title:
जननी- काव्य संग्रह -
Author:
संपादक- शैलेन्द्र कुमार -
Language:
Hindi
Book Description
जननी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि सृजन, ममता, त्याग, संरक्षण और अनंत प्रेम का शाश्वत प्रतीक है। यह साझा संकलन उन सभी रूपों को समर्पित है जिन्हें हम "माँ" के रूप में अनुभव करते हैं—जन्मदात्री माँ, धरती माँ, प्रकृति माँ, मातृभाषा, मातृभूमि, गौ माता और वह हर शक्ति जो जीवन को जन्म देती है, संवारती है और निरंतर पोषित करती है।
"जननी" में देशभर के रचनाकारों ने अपनी कविताओं, लघुकथाओं, संस्मरणों और भावपूर्ण लेखन के माध्यम से मातृत्व के विविध आयामों को शब्दों में पिरोया है। यह संकलन केवल भावनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन अनगिनत अनकहे एहसासों का साहित्यिक दस्तावेज़ है जो हर हृदय में किसी न किसी "माँ" के प्रति बसे होते हैं।
इस पुस्तक का संपादन शैलेन्द्र कुमार जी ने किया है, जिन्होंने इससे पूर्व "यादें, लम्हे और कसक" जैसे सफल साझा संकलन का संपादन कर साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी संवेदनशील दृष्टि और साहित्यिक समर्पण ने "जननी" को भी एक अर्थपूर्ण और भावनात्मक स्वरूप प्रदान किया है।
कथांकन पब्लिकेशन हाउस द्वारा प्रकाशित यह संकलन हर उस पाठक के लिए एक भावपूर्ण कृति है, जो माँ के किसी भी स्वरूप को अपने जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा मानता है। "जननी" के पन्नों में आपको प्रेम, करुणा, वात्सल्य, स्मृतियाँ, प्रकृति का सौंदर्य और जीवन-मूल्यों की ऐसी सुगंध मिलेगी, जो हृदय को लंबे समय तक स्पंदित करती रहेगी।
"जननी"—माँ के हर स्वरूप को समर्पित, शब्दों में सजा एक विनम्र नमन।
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Book Title
जननी- काव्य संग्रह
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Author
संपादक- शैलेन्द्र कुमार
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Language
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